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8 Responses

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  2. श्री कृष्ण जी के बारे में ही नहीं बल्कि हरेक महापुरुष के बारे में बहुत सी ऐसी बातें मशहूर कर दी गयीं जो कि सच नहीं हैं. राधा का सम्बन्ध श्री कृष्ण जी से जोड़ना भी एक ऐसा ही काम है. इस बहाने पंडों ने रासलीलाएँ रचायीं और आज तक रचा रहे हैं और यह सब काम वे कर रहे हैं महात्मा श्री कृष्ण जी के नाम पर, धर्म के नाम पर. धर्म तो रोकता है पर स्त्री को ताकने और छूने से भी . तब महात्मा श्री कृष्ण जी ऐसा कैसे कर सकते थे ?
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/04/raavan.html

  3. hmm!! kya kahun, dil kahta hai jo bhi kara hoga bhagwan krishna aur unse jude radha ya meera ya gopiyon ne wo naitik roop se sahi hi hoga…par dimag kahta hai…ye kaisa charitra….jo aaj hamare liye galat hai to unke liye kaise sahi tha….
    mana ki pyar pyar hota hai…aur agar vasna se upar ho to usko puja ke shreni me rakha jata hai…lekin isko sahi samajhna…ya sahi sabit karna, sabdo ke jaal ke sahare…mere samajh se pare hain..!!

    waisa jahan tak lekh ka sawal hai…ek adbhut lekh..dil se likha gaya hai:)

  4. neera says:

    अनु यार ये तो मैं नहीं जानती की मीरा और राधा के प्यार को क्या नाम दूँ..पर हाँ ये ज़रूर मानती हूँ की प्यार वही अमर हुआ है जो पूरा नहीं हुआ…जैसे राधा कृषण,,,मीरा कृष्ण …हीर रांझा …सोनी महिवाल…लैला मजनू …ऐसे कई नाम हैं जो अमर हुए हैं…क्यूंकि इनका प्यार पूरा नहीं हुआ…अगर इन सबको इनका प्यार मील जाता तो शायद ये लोग अमर नहीं होते…ऐसा मुझे लगता है..मैं गलत भी हो सकती हूँ….अब रुकमनी और कृष्ण के नाम को ही देख लो.. [:)[
    वैसे प्यार का एहसास बहुत खुबसूरत है…जब तक इसका एहसास ख़ुद आपके तन मन में है तो आपके अन्दर पागल पन है…जिस दिन आपके अन्दर ये एहसास ख़तम हुए समझो प्यार मौत की कगार पर है….राधा कृष्ण के प्यार को देखा नहीं सिर्फ सुना है..इसलिए उनके लिए कुछ कहना इसलिए भी सही नहीं होगा क्यूंकि हम उन्हें पूजते हैं…पर इंसानी प्यार के लिए मैं कहना चाहूंगी की मुझे ऐसा लगता है की आपका प्यार आपको मीले या ना मीले इसकी मौत निश्चित है….मतलब एहसास मरते भी हैं …और फीर से कभी भी जी उठते हैं….
    प्यार कभी भी ..कहीं भी …किसी से भी ..किसी भी उम्र में हो सकता है…और जब कभी भी ये एहसास आपके अन्दर आते हैं तो जिन्दगी खुबसूरत ही लगती है..

  5. neera says:

    एक बात और कहना चाहूंगी…प्यार में आकर्षण का होना जरूरी है…और जब कोई चीज़ आपको मील जाती है तो कुछ टाइम बाद उसका आकर्षण ख़तम होने लगता है…और जब कोई चीज़ बहुत टाइम तक नहीं मिलती,, नहीं दिखती तो भी आकर्षण ख़तम होने लगता है…शयद यही वझे है प्यार और रिश्ते टूटने लगते हैं…और नए रिश्ते बनने की…

  6. प्यार में आकर्षण का होना जरूरी है

  7. pawan arora says:

    sach kaha aapne anju ji payar ibaadat hai khuda ki aur jindgi ki saanse ..par aapka jawaab lajwaab hai