मेरी तन्हाई

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34 Responses

  1. viki says:

    bow kahte he bojh mujhe par me khud me hi halki hun.
    jeena to he jeene ki aadat purani he.
    wah kya baat he
    sundar .
    bahut khub kaha anu.

  2. hmmmmmmmmm lilkhti to theek hai….magar jaane kyun aisa lagtaa hai…..ki ye ladki blog nahin banaa sakti…..itti choti si….aur blog ??

  3. meri tanhai me kitne aanshu the…….superb!! god bless!!

  4. thank ji aapne mera blog dekha……dil se shukriya hai aapka

  5. gc says:

    http://khudaterinajreinayatho.blogspot.com/

    TIME MILE PADHLENA AAJ NAHIN MILOONGA BYEE

  6. gc says:

    KBHI ROYE THE HAM TERE AHSAS KO SAMJH KAR

    NASHTAR SE LAGTI HAIN YE TERI AAHEN DIL KO

    MAJBOOR HAI YE DILE GAM SE BEJAR BHABOOKA

    SA UTHATA HAI JIGAR ME EK JAAN NIKAL NA JAYE

    AFSOS KE ANSOO NAHIN HAME TERE GAMON KI ITZA

    BAS ITNA SAMJH LEE JEE KE THAME HAIN APNE KO

  7. तन्हाई में बैठ कर पढ़ा तो अपनी तन्हाई कम होती लगी …….

  8. madhu singh says:

    Tanhayee me ki gyee dastane guftgoo , “khud se jara khud ko jod kar dakho,tanhayeeyon ke foolon me mahak hoti hai,aayeene se akele me guftgoo ki koshish, aksar kamyab hoti hai … badha ke hath bajoon me bhar le koyee ,tahayeeyon me akshar ,unse mulakat hoti hai ” so deep with full of swwtest pains

  9. sadhana vaid says:

    कमज़ोर हूँ..अकेली हूँ …
    फिर भी कि आँखों के बिन रोए
    अश्क सी हूँ
    बहुत सुंदर लिखा है अनु जी ! बहुत खूब !

  10. ये मन अब किसी रिश्ते में ना बंध पाएगा
    फिर भी ,
    आज भी है इस दिल में
    हजारों आरजुएँ

    sahi hai ye aarjuye hi to nahi mitti na …

  11. wah wah ab tak lekhni ke tevar aur teekhe hue hain,,,sunder

  12. bahut sundar rachna…..har shabd say tanhai jhalak rahi hai….yehi sundarta hai is rachna ki

  13. Asha Saxena says:

    बहुत अच्छी और सार्थक रचना है अंजू जी |
    आशा

  14. sadhana vaid says:

    तनहा मैं जी गई
    कितनी ही जिन्दगानियाँ
    कमज़ोर हूँ..अकेली हूँ …
    फिर भी कि आँखों के बिन रोए
    अश्क सी हूँ

    बहुत सुंदर लिखा है अनु जी ! बहुत खूब !

  15. एडिटिंग के बिना भी मूल भाव में कोई बदलाव नहीं आया है बल्कि उसके सुन्दरता में निखार जस का तस है किसी खनिज की भांति उसका मूल स्वरुप दमकता हुआ ******

  16. Arora Pawan says:

    anju bahut sundar

  17. मार्मिक अभिव्यक्ति….

  18. मेरी तन्हाई में,कितने आंसू थे
    कि, तुझसे दूर होकर भी,तेरे पास थी मैं—
    कभी-कभी,तन्हाइयां बोलती हैं और दुनिया सुनती है.

  19. कभी-कभी तन्हाइयां बोलती हैं.

  20. कभी-कभी तन्हाइयां भी बोलती हैं.

  21. कभी-कभी तन्हाइयां भी बोलती हैं.

  22. पुरानी अभिव्यक्ति है ….. अभी तो ऐसा नहीं है न :):)

    वैसे अशकों से तो हमेशा ही रिश्ता बना रहता है …

  23. तहाई का भी अपना ही मजा होता है..बहुत बढ़िया अनु..

  24. marmik rachana jo apake bhavuk hone ka apane aap me praman hai. ati sundar.

  25. बहुत सुंदर भावभिव्यक्ति….

  26. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (06-05-2013) के एक ही गुज़ारिश :चर्चा मंच 1236 पर अपनी प्रतिक्रिया के लिए पधारें ,आपका स्वागत है
    सूचनार्थ

  27. बहुत ही सुन्दर रचना! मेरी बधाई स्वीकारें।
    कृपया यहां पधार कर मुझे अनुग्रहीत करें-
    http://voice-brijesh.blogspot.com

  28. बेहद उम्दा रचना!

  29. बहुत सुंदर लिखा है अनु जी !

  30. तनहा मैं जी गई
    कितनी ही जिन्दगानियाँ
    कमज़ोर हूँ..अकेली हूँ …
    फिर भी कि आँखों के बिन रोए
    अश्क सी हूँ
    मै वक़्त का वो भूला बिसरा लम्हा हूँ
    -बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

  31. Vaanbhatt says:

    कभी तनहाइयों में यूँ हमारी याद आएगी
    न फिर तू जी सकेगा और न तुझको मौत आएगी

    तन्हाई कभी अकेले नहीं आती…दोनों तरफ बराबर आती है…

  32. भटकन बडी है इस
    प्यार की राहों में
    जिस पर अब मुझे ही चलना है
    क्यों
    मेरी तन्हाई में ,इतने आंसू थे ||

    …बहुत सुन्दर मर्मस्पर्शी रचना…

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