खिली धूप तो ………….

You may also like...

15 Responses

  1. कल 21/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  2. ana says:

    behtarin rachana ….shubhakamnaye

  3. “कितने सुन्दर भाव हैं, कितनी सुन्दर बात
    संतुष्टी धन अक्षय है, और लालसा रात”

    सार्थक रचना….
    सादर बधाई….

  4. सदा says:

    वाह …बहुत ही बढि़या ।

  5. सुन्दर भाव

  6. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 03 -05-2012 को यहाँ भी है

    …. आज की नयी पुरानी हलचल में ….कल्पशून्य से अर्थवान हों शब्द हमारे .

  7. Madhuresh says:

    “दुखो भरी इस खोखली दुनिया मे …
    सन्तुष्टि और प्रसन्नता ..
    ही वास्तविक सम्पति है ..
    इस दुनिया के बाशिंदे
    इसे भूले जा रहें है …”

    सार्थक सन्देश देती सुन्दर रचना.
    सादर
    मधुरेश

  8. Reena Maurya says:

    एकदम सही कहा है आपने…
    मन में दुख है फिर भी झुठी हंसी का बोझ ढोना होता है..
    यही तो जिंदगी है…सच्चाई है ये…..
    बेहतरीन और उत्कृष्ठ रचना….

  9. यूँ ही टूटता रहे मन की बंदिशें…..अति सुन्दर रचना..

  10. M VERMA says:

    बंदिशे टूट ही जाएँ

  11. खिली धूप तो ..
    दूर हुआ अँधियारा ..
    टूटी मन की बंदिशे ..

    बंदिशे तोड़कर मन का अँधियारा दूर करने का अद्भुत सन्देश.

    बधाई.

  12. सन्तुष्टि और प्रसन्नता ..
    ही वास्तविक सम्पति है ..
    इस दुनिया के बाशिंदे
    इसे भूले जा रहें है ..
    -आप सही कह रही हैं पर यहाँ सुनता कौन है !

  13. सन्तुष्टि और प्रसन्नता ..
    ही वास्तविक सम्पति है ..
    इस दुनिया के बाशिंदे
    इसे भूले जा रहें है ………

    एकदम सत्य ।

  14. Anita says:

    बहुत सुंदर भावों से पिरोयी कविता…

  15. सच है …
    शुभकामनायें आपको !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *