कुछ रिश्ते अनाम होते है……………वही ”आम ” होते है

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5 Responses

  1. प्रशंसनीय प्रयास – नव वर्ष २०११ की मंगल कामना

  2. रिश्तों का अन्बूझापन ही
    शायद परिनिति हैं
    ऐसा कहता हैं
    इसलिए
    कशमकश सहता हैं
    बिखराव का मौसम
    यूं भी
    ज्यादा रहता हैं

  3. jo labo se bol do wo aam hote hain:)

    kya kahne hain…achchha laga

  4. bahot badhiyaa annu