इश्क चला है हुस्न से मिलने………

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54 Responses

  1. बहुत खूबसूरत कल्पना ..

  2. लाजवाब है एक एक शब्द.

    सादर

  3. बहुत खूबसूरत कविता हैँ ।
    मन के एहसासोँ की अच्छी अभिव्यक्ति हुई हैँ। आभार अनु दी ।

  4. Rachana says:

    दूंगा हुकुम चाँद को
    कि नाम बदल
    ले वो अपना
    ये खामोश निगाहें
    इशारो से तुझे बुलाएंगी
    अंजुमन महक उठेगा अपना
    जब ..
    इश्क चलेगा अपने हुस्न से मिलने
    चांदनी रात के साये में ……..
    sunder pyari soch
    rachana

  5. यूसुफ़ का जज़्बे इश्क ,ज़ुलेखा का जज़्बे हुस्न
    कि आना पड़ा पलट के दोबारा शबाब को ।

  6. PK Sharma says:

    wah anu ji accha hai

  7. Praveen says:

    किसी शायर ने कहा है,
    हर रात ने वादा किया था साथ निभाने का |
    और सुबह होने तक रंग बदल दिया ||

    वाह वाह भाभी वाह- प्रवीण आर्य

  8. ishq aur husn ka milan hamesha swargik hota hai… anupam bhaw

  9. ram says:

    धड़कने खलेंगी हमारी ..
    जुबा चुप हो जाएगी
    दिल का राग सुनेगे हम
    नयनो की भाषा की
    होगी जीत
    जो भरेगी हमारी
    ख़ामोशी में भी संगीत

    और

    ये खामोश निगाहें
    इशारो से तुझे बुलाएंगी

    अनु जी बहुत ही सुन्दर रचना हे सच कहू तो इस रचना के लिये मेरे पास शब्द नहीं हे
    आप का बहुत बहुत धन्यवाद इतनी सुन्दर रचना लिखने के लिये

  10. Ram says:

    धड़कने खलेंगी हमारी ..
    जुबा चुप हो जाएगी
    दिल का राग सुनेगे हम
    नयनो की भाषा की
    होगी जीत
    जो भरेगी हमारी
    ख़ामोशी में भी संगीत

    और

    ये खामोश निगाहें
    इशारो से तुझे बुलाएंगी

    अनु जी बहुत ही सुन्दर रचना हे सच कहू तो इस रचना के लिये मेरे पास शब्द नहीं हे
    आप का बहुत बहुत धन्यवाद इतनी सुन्दर रचना लिखने के लिये

  11. आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है …..

    खास चिट्ठे .. आपके लिए …

  12. खूबसूरत जज्बात

  13. Babli says:

    बहुत ख़ूबसूरत और शानदार कविता है! हर एक पंक्तियाँ लाजवाब है!

  14. इश्क चलेगा अपने हुस्न से मिलने
    चांदनी रात के साये में ……..

    अनु जी,
    क्या खूबसूरत रचना लिखि है आपने!

  15. बहुत खूबसूरत रचना…

  16. Jyoti Mishra says:

    I’ll say
    Mazza aa gaya !!!!

  17. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (13-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

  18. Prem ko jis khoobsurti ke sath apne ish kavita ke jariye abhivyakt kiya hai..wo prasansniye hai..

    aasha karta hu ki aapki dil ke taro ko chhuti hue rachnaye hame aage bhi padhne ko milegiii

  19. Dilbag Virk says:

    आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच[12-6-11]

  20. वाह! लाजवाब अभिव्यक्ति भावनाओ की।

    आभार

  21. वाह इतना खूबसूरत और इतना रोमांटिक , बहुत ही सुंदर रचना जी । शुभकामनाएं

  22. बेहद खूबसूरत एहसास .सुन्दर रचना.

  23. Rajiv says:

    अनु ,तुम्हारी कविता बहुत ही सुन्दर है .कोमल भावनाओं से सजी यह रचना श्रृंगारिक कवियों कि रचनाओं की याद दिलाती है.भाव पक्ष बहुत ही प्रभावशाली बन पड़ा है.

  24. रुमानियत को अपने में समेटे खूबसूरत रचना

  25. anu says:

    आप सब का मेरे ब्लॉग पर आने का शुक्रिया

  26. anu says:

    संगीता स्वरुप ( गीत ) जी …….वंदना जी …..और दिलबाग जी आप तीनो का भी बहुत बहुत शुक्रिया मेरे चयन के लिए

  27. behad hansin kalpana…..sunder rachna…

  28. क्या बात है….. ,बड्डे जिगरा दी गल है . इन्ना सोणा अहसास .
    शुक्रिया जी ../

  29. ख़ूबसूरत रचना

  30. हुस्न और इश्क के बीच द्वन्द तो सदियों पुराना है… इस द्वन्द को नए सन्दर्भ में नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया है अनु जी आपने… कविता बेहद रोमांटिक है और नदी सा प्रवाह है इसमें… एक खूबसूरत नज़्म के लिए आपको शुभकामना…

  31. वह बहुत अच्छी रचना है ! मज्जा आ गया !मेरे ब्लॉग पर अपना सहयोग दे !
    Latest Music
    Latest Movies

  32. हुस्न और इश्क .. दोनो का साथ चोली दामन का है …. बहुत खूबसूरत शब्दों में उतारा है …

  33. आपका स्वागत है “नयी पुरानी हलचल” पर…यहाँ आपके ब्लॉग की किसी पोस्ट की कल होगी हलचल…
    नयी-पुरानी हलचल

    धन्यवाद!

  34. अति सुन्दर कोमल भावनाओं की अभिव्यक्ति ।
    सुधा भार्गव

  35. भावमय करती शब्‍द रचना ।

  36. रेखा says:

    खूबसूरत रचना

  37. बहुत खूबसूरत नज्म

  38. सुन्दर रचना और बहुत उम्दा भाव!!

  39. सुन्दर रचना के लिये बहुत बहुत धन्यवाद!

  40. बिलकुल सही कहा, एक के बगैर दुसरे की कल्पना नहीं की जा सकती है .
    ——————————————–
    क्या मानवता भी क्षेत्रवादी होती है ?

    बाबा का अनशन टुटा !

  41. ashish says:

    सुँदर भाव प्रवण अभिव्यक्ति.

  42. बहुत सुंदर …….

  43. singhSDM says:

    धड़कने खलेंगी हमारी ..
    जुबा चुप हो जाएगी
    दिल का राग सुनेगे हम
    नयनो की भाषा की
    होगी जीत
    जो भरेगी हमारी
    ख़ामोशी में भी संगीतबहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति..

    यह कविता भी अच्छी बन पड़ी है.बहुत बोलती तस्वीर है

  44. बहुत सुंदर… क्या बात है

  45. anu says:

    मेरे ब्लॉग पर आने वाले हर दोस्त का दिल से शुर्किया ….मेरी कविता को पढने और उसकी तारीफ़ ले किये

  46. इश्क चलेगा अपने हुस्न से मिलने
    चांदनी रात के साये में ……..

    बहुत खूब.

  47. palak says:

    ek ek shabd, dil me apni jagah bna gya……bot badiya…..its one of ur bestst poem chachi !
    keep up the gud work.

  48. सुन्दर तस्वीर के साथ बेहतरीन रचना.

  49. इश्क चलेगा अपने हुस्न से मिलने
    चांदनी रात के साये में ……..बहुत सुंदर.

  50. H P SHARMA says:

    chandni raat ho apne ka saath ho ye sab kitna achchha lagta hai anu ji.

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