आंखे …..

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7 Responses

  1. viki says:

    ask bhi ab santh nahi dete woh anu bahut khub
    dil ko chune bali rachna he ,,

  2. viki says:

    ask bhi ab santh nahi deta ,,,,
    wah anu bahut khub
    dil ko chuune wali rachna he,

  3. बेहतरीन कविता….

  4. कल 07/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  5. सदा says:

    बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

  6. भाव-विह्वल कर देने वाले शब्दों की कडिया….सिन्दार


  7. ख़ुशी की तलाश मे…
    चली थी मै… …
    पर ग़मों को साथ लिये…
    लौटी हूं मैं… … …
    ना भूलने वाली यादें…
    अब मेरे मानस पर
    छा-सी गयी हैं…
    जो मिला था कुदरत से
    उसे छोड़
    मिथ्या के पीछे
    भागी थी मै
    मृगमरीचिका के पीछे
    घने मरुस्थल
    में भटक गयी हूं मैं … … …

    रचना क्या , एक करुणागान है …
    आदरणीया अनु जी !

    सुंदर लिखा है …
    मन तक स्पर्श करने जैसा …

    शुभकामनाओं सहित…