क्षितिजा | अपनों का साथ

टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले …………. 16

टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले ………….

टुकडो में बंटी जिन्दगी को जी ले ..एक चेहरे पे ,रख दूसरा चेहरा तू ,अगर जीना है मन मुताबिक तो ,रख विश्वास खुद पेऔर जी के देख मेरे संग कल्पना कि दुनिया को ,अब...

सब कहते है मै मस्त मोला हू …………………. 0

सब कहते है मै मस्त मोला हू ………………….

सब कहते है मै मस्त मोला हू ,पर आज वक़्त दे गया मुझे ……सोच …..जो मेरी सोच को समझ गया ……..उसने कहा ..कुछ मत सोचो …जो ना समझ सका मुझे ,कहने लगा …अब भी...

उड़ मेरे संग कल्पनाओ के दायरे मे …………. 7

उड़ मेरे संग कल्पनाओ के दायरे मे ………….

उड़ मेरे संग कल्पनाओं के दायरे मेखुद को खो मुझ मे समाने देचाहतो के दायरे को और बढ़ जाने देजज्बातों के साथ बहने देजो बात ना कह सका उसे कहने देखयालो को और रंग...

जीवन साथी ……………. 1

जीवन साथी …………….

ज़िन्दगी की राहों पे……हम चले थे साथ मिल करतुम से मुझे हर ख़ुशी मिलीदोस्ती मिली उम्र भर कीओर मिला साथ जन्मो कावक़्त बदला……मै ठहरी रहीतुम आगे बढते रहेज़िन्दगी की राहों पेमैंने तलाशती रही तुम्हेतुम...

वैसी ही हर कोई मुझे याद करे………………….. 2

वैसी ही हर कोई मुझे याद करे…………………..

जैसी हू …… वैसे ही हर कोई मुझे याद करे यह इच्छा लिए….. दुनिया की भीड का हिस्सा बनी अपने मन को……. मार के जीने की कला कों सीखा सच का दामन ……. थामे...

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी ………….. 2

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी …………..

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी ….क्यों मेरे सपनो में आके …झंझोर मुझे …क्यों मेरे इते करीब आने लगे हो ..क्यों मेरे ख्याबो मे में आके ..जगाने लगे हो …..क्यों तूने मेरे...

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~~~~पहला पन्ना ~~~~~क्यूँ क्या शर्म नहीं आती उन्हें इन शबदो से साफ़ जाहिर है समाज मे बात फ़ैल गयी है चोकना सवाभिक है ऐसे शब्दों से घरवाले भी ”प्यार”शब्द सुनते ही …”प्यार”एक अनुभूति है...

खिली धूप तो …………. 15

खिली धूप तो ………….

खिली धूप तो ..दूर हुआ अँधियारा ..टूटी मन की बंदिशे ..सिमटी आज की दुनिया ..तो मिला नया सा रास्ता ..इस नयी दुनिया केये बाशिंदे …भागते से हर वक़्त है ..मन की शांति का आनन्दप्राप्त...

उन्मुक्त आकाश मै उड़ने चली थी सपनो के पंख लगा ………………………………………… 0

उन्मुक्त आकाश मै उड़ने चली थी सपनो के पंख लगा …………………………………………

उन्मुक्त आकाश मै उड़ने चली थीसपनो के पंख लगागेरो की भीड मे..किसी अपने को तलाशने चली थीआती हुई तेज हवायो सेकिसी कटी पतंग सी …मै कटती चली गयी ..आती हुई तेज हवायो ने कतरेमेरे...

आयो थामे हाथ…….. 1

आयो थामे हाथ……..

आयो थामे हाथ ,लिए एक दूसरे का साथकहे दिल कि बात ,और समझे जज्बात..दिल मे जो राज़ ,खोलो उसे मेरे साथरखो दिल पे हाथ ,चले चलो मेरे साथ ..अच्छा लगता है जब दिलदार मिलता...