Category: कविता

माचिस की तीली

माचिस की तीली

क्या कभी माचिस की तीली को जलते देखा है आपने ? रोशनी से भरपूर वोपर पल भर में ढेर वोघर के चिरागों कोरोशन करती वोचुल्हा जलाभूखे को रोटी काआसरा देती वोभटके पथिक कीरोशनी की...

कुछ रिश्ते अनाम होते है……………वही ”आम ” होते है

कुछ रिश्ते अनाम होते है……………वही ”आम ” होते है

हां …कुछ रिश्ते अनाम होते हैजो ना दो नाम तो वहीवही बदनाम होते हैजो लबो से बोल दोवही ”आम ” होते है ”आँख” और ”आंसू” भी एक रिश्ता है यूँ तो देखो तो पानी...

वीरानियाँ

वीरानियाँ

क्यों उदास है मेरी ये जिन्दगी खाली खाली सी क्यों लगती है मुझेगर जिन्दगी रूठ जाये तो ख़ुशी दूर हो गई मन से बहुत वीरानियो से गुज़री है ये जिन्दगीबहारो का अब कोई इंतज़ार...

जिंदगी भर तुम माने नहीं और हम तुम्हे मनाते ही रहे

जिंदगी भर तुम माने नहीं और हम तुम्हे मनाते ही रहे

किताबें बंद हैं यादों की जब सारी मेरे मन मेंये किस्से जेह्‍न से रह-रह कौन पढ़ता है वो बचपन में कभी जो तितलियाँ पकड़ी थीं बागों मेंबरस बीते, न अब तक रंग हाथों से...

सपने …………

सपने …………

सपने ………… सपने जो सोने नहीं देतेजो किसी को अपना होने नहीं देतेखिड़की पे आया चाँद भी परायासा लगता है मुझे याद है अच्छी तरह से..हाथो में हाथ था उसकाचार कदम हम भी चले...

क्या गुनाह है मेरा

क्या गुनाह है मेरा

क्या गुनाह है मेरा क्या गुनाह है मेराखफा क्यों हो दिल तोड़ने वालेसितमगर बेवफा कहलायेगागम में रहकर भीजीने कि कोई किरणदिखाई नहीं देती हैक्या गुनाह है मेराखफा क्यों हो जो हुए टूटे खिलौने कोफिर...

ख्वाब मेरा

ख्वाब मेरा

उसकी बे पनाह मोहब्बत भरी बातो को समझा हर इशारे में उसकी मोहब्बत की इबादत का रंग नज़र आता है आ कर वो मेरे कानो में धीमे से एक गीत गुनगुनाता हैमैंने तो आँखों...

प्यार ….वो शब्द है ……ये जो अधूरा होते हुए भी अपने आप मे..पूर्ण हैप्रेम अजेर अमर है …गंगा जल समान …प्रेम राधा है ..प्रेम मीरा है ….प्यार वोह प्याला हैजिस ने पिया …बस उस...

अंतिम ..सफ़र

अंतिम ..सफ़र

मन क्यों अशांत सा हैसंतुष्टि का भान क्यों नहीं है जल रहा दीयाफिर पतंगा ही परेशान सा क्यों हैभागा था वो अँधेरे से डर करक्या मिला रोशनी में आ कर क्यों आँखे सूज रही...