Author: Anju Choudhary

क्या पाया क्या खोया है ….

क्या पाया क्या खोया है ….

क्या पाया क्या खोया है …. कभी सोचा था किवक़्त को कसके मुट्ठीमें बांधूंगी !ये जानते हुए भी –ना वक़्त रुकता हैन रात रूकती हैना रुके ये सुबहन दिन न शाम ………फिर भी यादे...

आज की ताज़ा खबर

आज की ताज़ा खबर

आज की ताज़ा खबर टीवी का शोरदिमाग है गोललिखने का है मनपर सूझता नहीं कुछकैसे कुछ सोचूंकैसे कुछ नया लिखूंयहाँ तो बसनई पुरानी फिल्मो काहै संगअमिताभ के गानेसंजय दत्त कीढिशुम ढिशुमगोविदा के लटकेझटकेहाय अब...

बचपन हमारा

बचपन हमारा

बचपन हमारा खुले खेत ..कच्ची पगडण्डीखेतो में पानीलगती फसलउस राहा…भागताबचपन हमारा पेड़ पर झूलारुक कर उस में ..झूलता बचपन हमाराअमुया का पेड़ ..पेड़ की छायाबसते को फेंकताबचपन हमारा कच्ची अम्बीझुकती डालीडाल पे कूकतीकोयल काली...

मै……. मै हसंती बहुत हूँ नाथोड़ी सी पागल ,थोड़ी सी दीवानीथोड़ी सी शोखीसे भरीफिर उसी पलकुछ उदास सीथोड़ी थोड़ीनादान सीओर पल मेंसमझदार भीकैसे कहूँ खुद कोकि मै क्या हूँकुछ कुछ प्यासी सीखुद में भरी...

मेरा व्योम अर्थ नहीं होता है कोईअर्थ से टूटी भाषा कातार तार कर संकू मौन कोकेवल इतना शोर तोसुबह का सुनने दोभरने दो मुझे को सांसो मेंखुशबु उसकी …स्वर की हदे बांधने दो पोर...

प्रेम दीवानी

प्रेम दीवानी

प्रेम दीवानी सूरज की गरमी ,चन्दा की ठंडकइसमें छिपे अनंत बसंतअपनी बानी प्रेम की बानीइसकी सियाई आँखों का पानी जिसको ना घर समझेना समझे गली दीवानीजिसकी हर अदा परमर गई येमीरा दीवानी …. मै...

इश्क चला है हुस्न से मिलने………

इश्क चला है हुस्न से मिलने………

चित्र आभार ….रोज़ी सचदेवा इश्क चला है हुस्न से मिलने………चांदनी रात के साये मेंचाँद की भीगी चांदनी मेंइश्क बोला हुस्न सेले कर हाथो में हाथ चलोयूँ ही चलते चलतेउम्र भर साथ चलोमेरी आस से...

सिर्फ तुम………

सिर्फ तुम………

चित्र आभार …..रोज़ी सचदेवा सिर्फ तुम……… पैगामे–बसंत आयाअपनी मर्यादा के भीतरवो प्यार लाया …देखो फिर उसने एक बारआस का दीप जलायासुबह की हवा ,रात चांदनीकी शीतलता का एहसास करवाया….. जब नाम लिया तुम्हारा तोएक...

मै ….और …..तुम

मै ….और …..तुम

चित्र आभार ….रोज़ी सचदेवा ……………….. मै ….और …..तुम मैंने अपने आप कोशब्दों में ढाल लियाखुद को मायाजालमें फांस लियादेख और समझकर भी सच्चाई कोमुंह मोड़ लिया …खुद केजीने के लिए …अस्तित्व की लडाई मेंदिल...

चित्र आभार …..रोज़ी सचदेवा इंतज़ार और इंतज़ार आँखों में आंसूदिल में दर्दबातो में उम्मीदजिन्दगी की सीखदो पल साथजिन्दगी की आसबूंदे बारिश कीतड़प सूखी धरती कीवही जानेजिसने किया है कभीकिसी से भी प्यार..दुलार और इंतज़ार...