Monthly Archive: June 2011

मेरा व्योम अर्थ नहीं होता है कोईअर्थ से टूटी भाषा कातार तार कर संकू मौन कोकेवल इतना शोर तोसुबह का सुनने दोभरने दो मुझे को सांसो मेंखुशबु उसकी …स्वर की हदे बांधने दो पोर...

प्रेम दीवानी

प्रेम दीवानी

प्रेम दीवानी सूरज की गरमी ,चन्दा की ठंडकइसमें छिपे अनंत बसंतअपनी बानी प्रेम की बानीइसकी सियाई आँखों का पानी जिसको ना घर समझेना समझे गली दीवानीजिसकी हर अदा परमर गई येमीरा दीवानी …. मै...

इश्क चला है हुस्न से मिलने………

इश्क चला है हुस्न से मिलने………

चित्र आभार ….रोज़ी सचदेवा इश्क चला है हुस्न से मिलने………चांदनी रात के साये मेंचाँद की भीगी चांदनी मेंइश्क बोला हुस्न सेले कर हाथो में हाथ चलोयूँ ही चलते चलतेउम्र भर साथ चलोमेरी आस से...

सिर्फ तुम………

सिर्फ तुम………

चित्र आभार …..रोज़ी सचदेवा सिर्फ तुम……… पैगामे–बसंत आयाअपनी मर्यादा के भीतरवो प्यार लाया …देखो फिर उसने एक बारआस का दीप जलायासुबह की हवा ,रात चांदनीकी शीतलता का एहसास करवाया….. जब नाम लिया तुम्हारा तोएक...