Monthly Archive: May 2011

मै ….और …..तुम 34

मै ….और …..तुम

चित्र आभार ….रोज़ी सचदेवा ……………….. मै ….और …..तुम मैंने अपने आप कोशब्दों में ढाल लियाखुद को मायाजालमें फांस लियादेख और समझकर भी सच्चाई कोमुंह मोड़ लिया …खुद केजीने के लिए …अस्तित्व की लडाई मेंदिल...

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चित्र आभार …..रोज़ी सचदेवा इंतज़ार और इंतज़ार आँखों में आंसूदिल में दर्दबातो में उम्मीदजिन्दगी की सीखदो पल साथजिन्दगी की आसबूंदे बारिश कीतड़प सूखी धरती कीवही जानेजिसने किया है कभीकिसी से भी प्यार..दुलार और इंतज़ार...

प्यार की बलि 33

प्यार की बलि

प्यार की बलि फिर रिश्तो की दुहाईये जात पात का अंतरये गरीब की रेखाजो बांधी ..हैअमीरों ने ..दिल से दिल का हैमिलन …फिर क्यों ये जिन्दगी हैइस तलवार की धार पेयाद आने पर बन...

तेरे ही इंतज़ार में ….. 24

तेरे ही इंतज़ार में …..

तेरे ही इंतज़ार में मंजिल दूर है क्या जोवो आई नहीं अभी तकदिल हमारा इंतज़ार और सब्रकरते करते पत्थर का हो गया इस कदर सीना मेराइश्क से संलग्न हुआना रहीं अब इस दिल मेंकोई...

वो…राहें आज भी….. 28

वो…राहें आज भी…..

वो…राहें आज भी हैआज क्यूँ सारा जहान सो गयादूँ जिसे आवाज़ वो भीकहीं खो गयावक़्त कि बंदिशों मेंबेबुनियादी इल्जामो मेंदिल का हर रिश्ताधराशाही हो गयाकागज़ पे लिख देने सेरिश्ते भी टूटते है .. …....

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हुस्न-ए यार प्रेम के सागर मेंहुस्न-ए यार कादीदार करके आया हूँक्या हाले दिल कहूँइन लबे-इज़हार के लिए देखो तो ज़रा उसकीनिगाहों की शोखी तोमन करता है किरख लूँ उनकोसिर्फ अपने ही दीदार के लिए...