Monthly Archive: December 2008

तुम से ..हम मिले………… 24

तुम से ..हम मिले…………

राह मे अकेलेजो तुम चले…फिर तुम से ..हम मिलेसाथ मिल कर …थाम के हाथ मेरा ..नयी राहो पे हम साथ चले ….नजरो के रास्ते ..तुम हो दिल मे बसेवफ़ा की मूरत …जफा की सूरत..लिए...

अलविदा 2008***शुभ आगमन २००९………… 2

अलविदा 2008***शुभ आगमन २००९…………

अलविदा 2008***शुभ आगमन 2009…….ख़ुशी ख़ुशी करो विदा इस साल को (2008 )करो स्वागत बाहें फैला कर नए साल का …(2009)लाये नया साल सब के लिए खुश्यियो भरी सोगातमिटा कर पुराने गिले शिकवे सभी से...

टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले …………. 16

टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले ………….

टुकडो में बंटी जिन्दगी को जी ले ..एक चेहरे पे ,रख दूसरा चेहरा तू ,अगर जीना है मन मुताबिक तो ,रख विश्वास खुद पेऔर जी के देख मेरे संग कल्पना कि दुनिया को ,अब...

उड़ मेरे संग कल्पनाओ के दायरे मे …………. 7

उड़ मेरे संग कल्पनाओ के दायरे मे ………….

उड़ मेरे संग कल्पनाओं के दायरे मेखुद को खो मुझ मे समाने देचाहतो के दायरे को और बढ़ जाने देजज्बातों के साथ बहने देजो बात ना कह सका उसे कहने देखयालो को और रंग...

जीवन साथी ……………. 1

जीवन साथी …………….

ज़िन्दगी की राहों पे……हम चले थे साथ मिल करतुम से मुझे हर ख़ुशी मिलीदोस्ती मिली उम्र भर कीओर मिला साथ जन्मो कावक़्त बदला……मै ठहरी रहीतुम आगे बढते रहेज़िन्दगी की राहों पेमैंने तलाशती रही तुम्हेतुम...

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी ………….. 2

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी …………..

क्यों तूने मेरे सुने दिल पे दस्तक दी ….क्यों मेरे सपनो में आके …झंझोर मुझे …क्यों मेरे इते करीब आने लगे हो ..क्यों मेरे ख्याबो मे में आके ..जगाने लगे हो …..क्यों तूने मेरे...

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~~~~पहला पन्ना ~~~~~क्यूँ क्या शर्म नहीं आती उन्हें इन शबदो से साफ़ जाहिर है समाज मे बात फ़ैल गयी है चोकना सवाभिक है ऐसे शब्दों से घरवाले भी ”प्यार”शब्द सुनते ही …”प्यार”एक अनुभूति है...

खिली धूप तो …………. 15

खिली धूप तो ………….

खिली धूप तो ..दूर हुआ अँधियारा ..टूटी मन की बंदिशे ..सिमटी आज की दुनिया ..तो मिला नया सा रास्ता ..इस नयी दुनिया केये बाशिंदे …भागते से हर वक़्त है ..मन की शांति का आनन्दप्राप्त...