होली है ………होली है …..


होली है ………होली है …….आयो खेले होली मिल के
दिल से दिल तक है ये सफ़र
इस बार …
फागुन कुछ बहका बहका है
मन भी कुछ महका महका है
ले रंगों के बोछार…उडे लाल लाल गुलाल..
भरे प्यार की पिचकारी …
भीगे जिससे हर सखी प्यारी सारी….
सखा संग भी ..खेले अपनेपन की होली ..
डाले …रंगों के साथ ..कुछ अपने होने का एहसास ..
हर आँगन में एक हीं धुन है
हर चेहरे पे एक हीं बात
कल जो होगा देखेंगे फिर…
अभी तो संग मिला है ….
आओ मिलकर रंग डालें सब…..
एक हीं रंग हो भेद ना हो कुछ
तुम भी लाल … हम भी लाल..
भंग का रंग भी इस्स्में डालें
कर डालें दुनिया हीं लाल…
मुझे ना हो सुध तुम्हें ना हो सुध
आयो खेले होली मिल के ……….लालो लाल ……..
होली है ………होली है …….
(….कृति …अनु ……)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

2 thoughts on “होली है ………होली है …..

  • March 9, 2009 at 5:01 PM
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    wahhhhhhhhhh anu GOD BLESS U MERI BEHNA!!!!!!
    HAPPY HOLI ALL OF U!!!!!!!!!!!!
    hamesha esse likhti raho or apni ek alag pehchan banao tere bhai ki good wishes hamesha tere sath hai!!!!!!!!!!!

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