वैसी ही हर कोई मुझे याद करे…………………..


जैसी हू ……

वैसे ही हर कोई मुझे याद करे

यह इच्छा लिए…..

दुनिया की भीड का हिस्सा बनी

अपने मन को…….

मार के जीने की कला कों सीखा

सच का दामन …….

थामे हर राह पर बढती चली

पथ की……..

रुकावटो को पीछे मैंने ध्क्लेला है

खुद पे हस के……….

सबको हँसाने की चेष्टा है

दोस्तों की……….

मुस्कुराटो …. मे खुद को तलाशने मै चली

किसी के ना चाहने ……….

पर भी सबको अपना साथ देने की तमना है

अपने सुखो ….

मे भी दोस्तों के गमो को बाँटने की इच्छा है

जैसी हू……

वैसी ही हर कोई मुझे याद करे…………….
(…….कृति……अनु………)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

2 thoughts on “वैसी ही हर कोई मुझे याद करे…………………..

  • December 27, 2008 at 11:45 PM
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    mam bahut badiya aap ki jodi bahut achhi hai aap ki bhvanaao ki trah bahut sarl shbdo mai vaykt kiya aapne apni soch ko

  • December 28, 2008 at 1:02 PM
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    pankaj: kya kahu mai….mere paas to sabd hi nahi hai……bas yahi kahunga ki aap dono ki jodi aur yeh pyaar u hi bana rahe hamesha 2

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