रात की तन्हायियो मे…………..


रात की तन्हायियो मे आके ..
कुछ कह के चले जाना ..
पर आना जरुर …..
कानो मे अपने प्यार का गीत सुना के ….
चले जाना …
पर आना जरुर ….
दिल की धड़कन को सुन कर
चले आना पास मेरे ,चुपके से
.पर आना जरुर
यादो मे मेरी बस जाना
आ के
सपना बन के ,
आँखों मे छिप जाना
दिल मे समां जाना
एक मीठी याद बनके …
पर आना जरुर ….
पतझड़ जो आये जीवन मे मेरे ..
तो तुम ……
.बसंत मे बहार बन के आना
आ के मेरी बगिया को महकाना
पर आना जरुर ……
बारिश के बाद मेरे
आँगन मे तुम इन्द्र धनुष बन कर आना
पर आना जरुर ……….
रात की तन्हायियो मे आके ..
कुछ कह के चले जाना ..
पर आना जरुर …….साथी मेरे …
(….कृति….अनु …….)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

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