यादे …………….


यादो के सफ़ेद परिंदे ….
नीले आकश से है उतरे
सफ़ेद परिंदों कि चादर चारो है फैली …
कितनी निर्मल ,कितनी पवित्र ,
और मन को शांति प्रदान करने वाली ,
मेरी इन यादो में है बच्चपन बसा ,
यौवन का है प्रेम प्रसंग छिपा ,
अपनी स्मृति में दबे ढके ,
अनेक प्रसंग ले कर यादे आगे बड़ी ,
नदी ,तालाबो के वोह यादे
आ कर रुकी ..खेत खलियानों में ……
मेरी भलाई -बुराई ,उठा पटक .जोड़े -तोड़ ,
जगहसाई ,रुस्वइयो और कमजोरियों ,
का कच्चा चिठा है ये यादे ,
साबुन के बुलबुले समान मेरी ये यादे
जैसे डोर संग बंधी पतंग …
वैसे मकड़ जाल सी मेरी मानस पे छाई ये यादे …
कोमल..निर्मल …स्वछ……..सिर्फ और सिर्फ मेरी यादे ……………
(…….कृति…..अनु……)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

9 thoughts on “यादे …………….

  • February 7, 2009 at 10:35 AM
    Permalink

    Teri yaado ke parinde utre he, tujhe bahlane ko, tera bachpan lotane ko, tera yoovan jagane ko, tujhe gudgudane ko, tujhe or natkhat banane ko, teri kamnao ko jagane ko, tu or teri yaade bas yaade. .

  • February 12, 2009 at 3:21 PM
    Permalink

    Kachi Umar Di Ungli Fad,
    Fer Beparvah Hon da Dil Karda,
    Waqt nu Pa Jaffi Pyar di,
    Apni marzi Naal Toran da Dil karda.

  • July 24, 2013 at 1:25 PM
    Permalink

    ापने लिखा… हमने पढ़ा… और भी पढ़ें…इस लिये आपकी इस प्रविष्टी का लिंक 26-07-2013 यानी आने वाले शुकरवार की नई पुरानी हलचल पर भी है…
    आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाएं तथा इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और नयी पुरानी हलचल को समृद्ध बनाएं…. आपकी एक टिप्पणी हलचल में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान और रचनाकारोम का मनोबल बढ़ाएगी…
    मिलते हैं फिर शुकरवार को आप की इस रचना के साथ।

    जय हिंद जय भारत…

    मन का मंथन… मेरे विचारों कादर्पण…

  • July 26, 2013 at 11:28 AM
    Permalink

    मेरी भलाई -बुराई ,उठा पटक .जोड़े -तोड़ ,
    जगहसाई ,रुस्वइयो और कमजोरियों ,
    का कच्चा चिठा है ये यादे ………….. waah.. bohat hi pyari rachna

Comments are closed.