नारी जो……….


नारी जो है ….हर नर के जीवन मे
हर पथ पर साथ चलने वाली……….
जब मैंने लिया जन्म ..
थामा जिसका हाथ ..चलने को
जिसके स्पर्श ने दी मुझे ..दी ममता मुझे
वोह थी मेरी माँ ……..
जब मै हुआ बड़ा ,
वोह जिसने मेरे साथ मेरा बचपन है बांटा ..
दी हर ख़ुशी मुझे
भर दी चेहरे पे मुस्कान
दिया अपने साथ हर पल ..
वोह थी मेरी ..जान से प्यारी बहन …
नारी जो है ….हर नर के जीवन मे
हर पथ पर साथ चलने वाली………. ………
जब मै गया अपनी ,
जीवन की प्रथम पाठशाल मै ,
मेरा पथ प्रदर्शन करने वाली
हर रहा को सुलझाने वाली ,
वोह थी मेरी पहली अध्यापिका …….
जब भी मै हुआ उदास जीवन
की राहों मे …….
आया जीवन मे जब भी कोई दुःख
मेरे हिम्मत बनी वोह ,
अपनी बातो से मेरा हौसला बढाया मेरा ..
जी मेरे दुःख से दुखी हुई
और सुख मे दी ..अपनी प्यारी मुस्कान …
वोह थी मेरी जीवन संगनी …….
नारी जो है ….हर नर के जीवन मे
हर पथ पर साथ चलने वाली………. …………..
मेरी हर सोच को थामने वाली ,
जिसके बचपन को देख,
मै फिर से बच्चा बना,
वोह थी मेरी दुलारी ,मेरी जान से भी प्यारी ,
मेरी बेटी ……….
नारी जो है ….हर नर के जीवन मे
हर पथ पर साथ चलने वाली……….

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

One thought on “नारी जो……….

  • December 22, 2008 at 12:44 AM
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    बहोत खूबसूरती से नारी का महत्व समझा दिया आपने ….

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