तुम से ..हम मिले…………


राह मे अकेले
जो तुम चले…
फिर तुम से ..हम मिले
साथ मिल कर …थाम के हाथ मेरा ..
नयी राहो पे हम साथ चले ….
नजरो के रास्ते ..तुम हो दिल मे बसे
वफ़ा की मूरत …जफा की सूरत..
लिए अनजान रहो पे साथ बढे ……..
दुनिया की इस भीड़ मे..
मै भी अकली सी थी
खुद को तलाशती सी थी ….
पर नहीं मिला कोई भी..
पर जब से हम से ,तुम मिले हो
हर राह साथ चले हो ..दे कर अपना साथ ,
लेकर मुझे साथ ,
कोई धोखा नहीं,कोई नहीं किया फरेब
दिया अपना सच्चा साथ ,
हर राह को किया तुमने आसान ,
इस जिंदगी को बना दिया जीने के काबिल ,
तुम से मुझे हर ख़ुशी मिली ,मिला जीने को
पूरा ये आसमा …
जहा मे भी उडी ..अपने अरमानो के पंख लगा ,
इतिह्सा का तो पता नहीं …….
हक्कीकत की ज़मी पे हो मेरे साथ….
तुम से ..हम मिले……..तुम से हम मिले ……..
(….कृति…..अनु…..)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

24 thoughts on “तुम से ..हम मिले…………

  • January 1, 2009 at 8:56 PM
    Permalink

    हिन्दी के चिठ्ठा विश्व में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी समस्त शुभकामनायें स्वीकार करें… एक अर्ज है कि कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें ताकि टिप्पणी करने में कोई बाधा न हो… धन्यवाद

  • January 1, 2009 at 9:28 PM
    Permalink

    दर्द मीठी हो तो रूक रूक के कसक होती है।
    याद गहरी हो तो थम थम के करार आता है।।

    आपका और आपके परिवार नववर्ष मंगलमय हो।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    http://www.manoramsuman.blogspot.com

  • January 1, 2009 at 11:17 PM
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    स्वागत है आपका इसी तरह लिखते रहें। नव वर्ष की शुभकामनाएं

  • January 1, 2009 at 11:22 PM
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    वफ़ा की मूरत … जफा की सूरत ….

    क्या बात है !

  • January 2, 2009 at 3:24 PM
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    Saralta hai aapki bhavnaon mein. Swagat.

  • January 2, 2009 at 11:34 PM
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    bahut hi acchi kavita hai aapki…

    happy new year….

  • January 2, 2009 at 11:39 PM
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    Tum se ham mile … Ham se tum mile.
    bas ese hi chalte rahe, ham aur tum milte rahe…

    Koi dhokha nahi, sirf saccha saath honga ..
    bas ese hi chalte rahe, ham aur tum milte rahe…

    Excelent Anu ji..

  • January 3, 2009 at 12:28 AM
    Permalink

    सच कहा है
    बहुत … बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
    हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
    टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
    कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .(हटाने के लिये देखे http://www.manojsoni.co.nr )
    कृपया मेरा भी ब्लाग देखे और टिप्पणी दे
    http://www.manojsoni.co.nr और http://www.lifeplan.co.nr

  • January 3, 2009 at 7:56 AM
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    नववर्ष की शुभ कामनाओं के साथ चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है .
    धन्यवाद …………..

  • January 3, 2009 at 11:10 AM
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    आसमाँ ने सितारों जड़ी ओढ़ के चादर
    ज़मीं का हाथ पकड़कर कहा !चलो मेरी जान
    अपनी औलाद जिसे दुनिया कहती हैं इंसान
    उसकी खुशियों के वास्ते आओ एक दुआ मांगे .
    सारे संसार की हर एक ख़ुशी उन्हें देना मेरे मौला
    उनके सपनो को ताबीर हासिल हो किसी भी हाल
    उनकी दौलत,शोहरत और इज्ज़त मे हो खूब इजाफा
    उनकी हर ख्वाहिश को साकार बनाये नया साल .
    “दीपक” देहरी पर तेरी जलाते हैं हम ऐ जगतारक
    औलादें सब कुदरत की सबको नया साल मुबारक .
    कवि दीपक शर्मा
    सर्वाधिकार सुरक्षित @कवि दीपक शर्मा
    http://www.kavideepaksharma.co.in
    http://www.shayardeepaksharma.blogspot.com

  • January 4, 2009 at 6:25 PM
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    Tum se mile hum hum se mile tum ek rista ban gaya jeewan jeene ka rasta mil gaya

  • January 4, 2009 at 9:56 PM
    Permalink

    kya chaha kya nahi jindgi se kabhi kuchh paya nahi,kuch mila bhi na samajh tha samajh nahi paya,par ab jarurat hai ek ahesash ki jo har pal mere sath rahe ,jo har pal mujhe yaad rahe.jo har raho me mere sath rahe.jo har muskilo me thame mera hath rahe,mujhe talash hai bas mujhe talash hai ,ab mangu bhi to ksise mangu.koi mujhe najar aata nahi,bas tum ho tum ho tum hi to ho…………………

  • January 4, 2009 at 10:00 PM
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    kyu pyar ko chor chale jate ho, kyu dil ko tum meretadhpate ho
    mat jao kahi mat jao kyu ki meri dhadhkan ab tumhi dadhkate ho

  • January 6, 2009 at 3:36 PM
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    dil ki dil jaane kimati kitne hai yah har shabd jaane raah jiwan ki aasan karta dost hi dost ki kadar jaane ..sachi bhavaao se piroi ek aur mala aapne sach bahut badiya……

  • January 6, 2009 at 8:21 PM
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    नववर्ष् की शुभकामनाएं
    कलम से जोड्कर भाव अपने
    ये कौनसा समंदर बनाया है
    बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
    सुंदर रचना संसार बनाया है
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    http://www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    http://www.chitrasansar.blogspot.com

  • January 10, 2009 at 12:29 PM
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    बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

  • January 22, 2009 at 1:37 PM
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    its very nice blog keep it up .

  • July 5, 2011 at 7:51 PM
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    Hakiqat ki jami par sath he jo bow zindagi bhar sath nibhayga, wat ke sath itihash me bhi likha jayga.Hakiqat ki jami par sath he jo bow zindagi bhar sath nibhayga, wat ke sath itihash me bhi likha jayga.

  • November 4, 2011 at 10:40 AM
    Permalink

    bahut hi sundar dil ko chu lene wali rachna

  • November 4, 2011 at 11:00 AM
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    वाह …बहुत बढि़या प्रस्‍तुति ।

  • December 27, 2012 at 12:11 PM
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    मै भी अकली सी थी
    खुद को तलाशती सी थी ….
    पर नहीं मिला कोई भी..
    पर जब से हम से ,तुम मिले हो
    हर राह साथ चले हो ..दे कर अपना साथ ,
    लेकर मुझे साथ ,
    कोई धोखा नहीं,कोई नहीं किया फरेब
    दिया अपना सच्चा साथ ,bahut achchhi shuruvaat ..achchhi kavita

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