जीवन साथी …………….



ज़िन्दगी की राहों पे……
हम चले थे साथ मिल कर
तुम से मुझे हर ख़ुशी मिली
दोस्ती मिली उम्र भर की
ओर मिला साथ जन्मो का
वक़्त बदला……
मै ठहरी रही
तुम आगे बढते रहे
ज़िन्दगी की राहों पे
मैंने तलाशती रही तुम्हे
तुम माया के संसार मे
अपने को डुबोते चले गये………
जिन सपनो को संजोया था
हमने साथ मिल कर
तुम्हारी चाहतो के तले
वोह दबते चले गये…..
ज़िन्दगी की राहों पे……
हम चले थे साथ मिल कर…..
वक़त ने ली है
फिर करवट तो. ..
अपनों के साथ को फिर से
पाने की लालसा ..तुम करने लगे हो…
पर ..
अपने तो अपने है ..
साथ कब छोड़ते है
जीवन की राहों पे

अब तुम भी चलोगे
हाथ थामे मेरा
इन्ह ज़िन्दगी की राहों पे…….
ज़िन्दगी की राहो पे……
हम चले है साथ मिल कर……………
(…..कृति……अनु……)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

One thought on “जीवन साथी …………….

  • December 28, 2008 at 1:00 PM
    Permalink

    Pankaj: Bahot khoob sathi!!!
    har baar ki tarah bahot achii hai yeh
    itne sundar2 though aate kaha se hai

Comments are closed.