ख्वाब मेरा


उसकी बे पनाह मोहब्बत भरी बातो को समझा हर इशारे में उसकी मोहब्बत की इबादत का रंग नज़र आता है
आ कर वो मेरे कानो में धीमे से एक गीत गुनगुनाता है
मैंने तो आँखों को अपनी मूंद रखा था
फिर भी सपनो में मेरे चुपके से आता जाता है
प्यार है या वो ख्वाब मालूम नहीं
पर यादो के समंदर में वो प्यार भरे गीत गुनगुनात है
वो आवारा बादल ..वो हवा का एक झोंका
बन के वो खुशबु मेरी सांसो में समां जाता है
नज़र तुम्हारी, नज़र हमारी ने दिल की नज़र है उतारी है लब पे मुस्कान तेरे तो मेरे चेहरे पे ख़ुशी छाई है,
अब मुझको भी होने लगा है जिन्दगी जीने का अहसास,
कभी उदासी कभी ख़ुशी ,कितने रंग दे जाती है ,
ये आरजुएं चंचल तितली बन बन फिर से आती है
ख़्वाबों में बसा ये रिश्ता ,आसमानों को छू जाता है
फिर जब आँखे खुलती है तो ,आँहों में उतर आता है
मै तनहा तनहा बैठी उनको ,बस सोचती रह जाती हूँ ,
ख़्वाबों में बसे ये रिश्ता ,बस ख़्वाबों तक ही रहे जाता है
(कृति…………अंजु…(अनु.)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

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