इस बन्दे है कुछ तो बात है ………….


जिंदगी मे..कुछ खास
पलो जी लो ….
कुछ अच्छी यादो को
अपने भीतर ..सहज लो
आते है हर किसी की
जिंदगी मे सुख और दुःख
जो चलते है हर
पल पल साथ …
किसी मोड़ पे ..मिले जो ज़िन्दगी
तो उसे दो …अपना जिन्दादिली का वोह
एहसास ..की लगे उसे भी कि…
इस बन्दे मे भी है कोई बात….
जो ना टूटा ..ना बिखरा किसी
गम से …दुःख भी ना तोड़
पाया इसे …
वक़्त का रुख मोडा है जिसने
उसी बन्दे मे ..कोई
तो बात है ..
जो चला है…अपनों के गमो
को साथ लेके …
दुखो को हँसी मे छिपा …..
वोह बना हर भीड़ का
हिस्सा ….
अपनी बातो से सबको दीवाना बना
साथ अपने वोह दोस्ती
का काफिला लेके चला है …………….
अब तो वक़्त भी कहने लगा …..
इस बन्दे है कुछ तो बात है ………….
(………कृति…….अनु…….)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव: