आज की ताज़ा खबर

आज की ताज़ा खबर

टीवी का शोर
दिमाग है गोल
लिखने का है मन
पर सूझता नहीं कुछ
कैसे कुछ सोचूं
कैसे कुछ नया लिखूं
यहाँ तो बस
नई पुरानी फिल्मो का
है संग
अमिताभ के गाने
संजय दत्त की
ढिशुम ढिशुम
गोविदा के लटके
झटके
हाय अब मै क्या करूँ

न्यूज़ चैनल पर रुकता
रुमोट
फिर वही धमाको से गूजां
मुंबई अपना
फिर हुए सीरियल
धमाके
देखा लाशो का
ढेर
दहकी मुंबई सारी
गूंजी सब तरफ
घायलों की चीखे
फिर शुरू हुई
पुलिस की भाग
दौड़ …
लग गई
फिर से नाकाबंदी

शुरू हो जाएगी
नेतायों की …
बयानबाज़ी …
राजनीती के गलियारे में
शुरू हो जायेगा
अब
आरोपों का दौर …..
ये है आज की
ताज़ा खबर …………

(अनु)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

26 thoughts on “आज की ताज़ा खबर

  • July 14, 2011 at 12:25 AM
    Permalink

    सच!…यही है आज की ताज़ा खबर…
    ताजातरीन हालात को बयान करती सुन्दर रचना

  • July 14, 2011 at 12:24 PM
    Permalink

    है तो ये ताज़ा खबर पर इन नेताओं को कोई फर्क नहीं पाने वाला … आज का सच तो यही है कम से कम …

  • July 14, 2011 at 12:47 PM
    Permalink

    kass ye taja khabar…jo karwa de..
    par kuchh logo ko maut na dikhaye…
    par kassh..aisa hota nahi!

  • July 14, 2011 at 4:57 PM
    Permalink

    न होना तुम यूं परेशां ये तो वक़्त के सारे झमेले है ,
    हम तो कल भी तनहा थे आज भी अकेले है ……….ताजा खबर ,.सब सोये हे मगर ..??

  • July 14, 2011 at 5:01 PM
    Permalink

    बहुत बढिया,,
    लेकिन लगता है कि आप तो हमलोगों का काम छीन लेंगी।
    हाहाहहा

  • July 14, 2011 at 10:10 PM
    Permalink

    “होते रहेंगें ऐसे धमाके ‘देश के भावी प्रधानमन्त्री (मंद मति बालक )श्री राहुल गाँधी कह रहें हैं .बड़े सहज स्वाभाविक लहजे में -ठीक कहते हो रोज़ -बा -रोज़ आतंक वादी का कोई धर्म नहीं होता ,इसका मतलब वह धर्म -निरपेक्ष होता है .अब इंडिया इज ए सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक .कैसे पकड़ें सेक्युलर को धर्म संकट बड़ा भारी ,कोई सुलझाओ ,आन बचाओ मुरारी .फूटी किस्मत हमारी

  • July 14, 2011 at 11:02 PM
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    समसामयिक घटना पर कविता…अंतिम पंक्तियाँ बेहतर हैं… टंकण की अशुद्धि को ठीक कर लें….

  • July 15, 2011 at 11:11 AM
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    बेहद दुखद घटना है ..सटीक एवं बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

  • July 15, 2011 at 5:48 PM
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    बहुत ही दुखद वाकया है!.सटीक एवं बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

  • July 17, 2011 at 5:47 PM
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    आपने बहुत जोरदार ढंग से आज की ताजा खबर प्रस्तुत की है.
    बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आभार.

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

  • July 18, 2011 at 5:23 PM
    Permalink

    mumbai ko kiski kali nazar lagi hai god nose…..

  • July 18, 2011 at 5:41 PM
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    आप सबका शुक्रिया ….

    अंश …आपकी बात सही है ..बेटा जी ….सच में मुंबई को किसी की काली नज़र ही लगी है ….

  • July 22, 2011 at 9:16 PM
    Permalink

    अनु मुम्बई पर हुए ताज़ा विस्फोटो पर एक सटीक रचना…धन्यवाद की पात्र हैँ आप…
    टीवी का शोर
    दिमाग है गोल
    लिखने का है मन
    न्यूज़ चैनल पर रुकता
    रुमोट
    फिर वही धमाको से गूजां
    मुंबई अपना
    शुरू हो जाएगी
    नेतायों की …
    बयानबाज़ी
    आरोपों का दौर …..
    ये है आज की
    ताज़ा खबर …….अति सुन्दर…दिल से……

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