अंतिम ..सफ़र


मन क्यों अशांत सा है
संतुष्टि का भान क्यों नहीं है
जल रहा दीया
फिर पतंगा ही परेशान सा क्यों है
भागा था वो अँधेरे से डर कर
क्या मिला रोशनी में आ कर


क्यों आँखे सूज रही है
रोते रोते आज
क्यों हो रही है
किरणे मैली सी आज

हम किस को अपनी

कविताये सुनाये
सपनो के ताज महल
अब किसके लिए बनाये

इश्क की राहो में
वो चले नहीं
दिल की पथरीली
ज़मी पे वो ढले नहीं

अब वो एक खिड़की नहीं
जिस में फिर बसर हो
बोलिए हमसे अंतिम
सफ़र कैसे हो ……..कैसे हो ?????
कृति …………अंजु (अनु)

Anju Choudhary

प्रकाशित काव्य संग्रह: …’’क्षितिजा’’ ‘’ऐ री सखी’’ ‘’ठहरा हुआ समय’’ संपादन: १. “कस्तूरी” “अरुणिमा” ‘’पगडंडियाँ’’ ‘’गुलमोहर’’ ‘’तुहिन और गूँज’’ प्रकाशित साझा काव्य संग्रह में मेरी भी कविताएँ…….अनुगूँज, शब्दों की चहलकदमी,नारी विमर्श के अर्थ,सुनो समय जो कहता है,काव्य सुगंध, आकाश अपना अपना (सभी साँझा कविता संग्रह ) मुट्ठी भर अक्षर (साँझा कहानी संग्रह )…समाचार पत्र और पत्रिकाओं से जुडाव:

2 thoughts on “अंतिम ..सफ़र

  • August 13, 2010 at 4:41 PM
    Permalink

    mann ki ashanti bas aap likh kar nikalo, aur kaun sune ye socho mat…….:)

    log khud b khud aa jayenge………sunane ke liye!! ham jaise!

    bahut khubsurat rachna……

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