क्षितिजा | अपनों का साथ

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सम्मान

उज्जैन में….14 दिसंबर 2014 को “विद्या सागर ” सम्मान से सम्मानित *** विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा मौन तीर्थ, गंगाघाट, उज्जैन में दिनॉक १२ , १३ व १४ दिसम्बर को मौनी बाबा जी का जन्मोत्सव...

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सम्मान

उज्जैन …14 दिसंबर 2013 को डॉ सुमन भाई ”मानस भूषण ” द्वारा “विद्या वाचस्पति” (डॉ)सम्मानोपाधि ….से सम्मानित …….. विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा मौन तीर्थ, गंगाघाट, उज्जैन में दिनॉक १२ , १३ व १४ दिसम्बर...

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सरहद के पार से

  २२/८/१७ Aamby valley…लोनावला… मैं पूरे परिवार के साथ परिवार एक साथ यहाँ घूमने आई हूँ |बच्चे अपने अपने कमरे में,अपनी अपनी पत्नी के साथ और जगमोहन और मैं अपने कमरे में |जगमोहन टीवी...

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बेटी की चतुराई 

    उस दिन मैं घर पे अकेली थी और पापा! मम्मी,दादी और विक्की को लेकर आने वाले है |पर पापा तो घर आते ही सबको छोड़ दादी पर बेकार का चिल्लाने लगते थे| दादी...

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खामोशी रात की गहन खामोशी में नींद आँखों से कोसो दूर अचानक यादो का एक रेला इन आँखों में चलचित्र सा घुमा …… वो आतंकी मौहोलवो पिता कि गोलियों से उधड़ा शरीर ..मौत के...

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कहते हैं राधा ब्याहता थीं … फिर कृष्ण प्रेम , कृष्ण से पूर्व उनका नाम कसौटी पर खरा है ? मीरा ने भी माँ के द्वारा कृष्ण को पति माना पर विवाह किसी और...

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एक रिश्ता दरका सा है अभी अभी कुछ देर पहलेएक रिश्ता दरका सा हैरिश्ता दिल से थाकि था बस बातो कापर एक विश्वास टूटा सा है || ये दिल लगाने वालेअपनी ही शर्तो पे...

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पारिवारिक पृष्ठभूमि यानि फैमिली बैक ग्राउंड शादी के लिए या किसी को जानने के लिए कहाँ तक औचित्य रखता है ? आज के वक़्त में बहस का मुद्दा ….जिसका अर्थ है भी और नहीं...

कुछ पलो के ख्याब…. 6

कुछ पलो के ख्याब….

कुछ पलो के ख्याब थे ,जिंदगी बन के लौट गए .. अजीब बात थी|रात की खामोशी भी शोर मचा के लौट गई.. अजीब रुत थी || चिंगारी जो रखी जुबां पे ,वो अंगार बन...